कलियुग केवल नाम अधारा
नाम जप कलियुग में भक्ति का एक मुख्य अंग है । प्रभु के नाम जप की महिमा असीम है । संतों ने प्रभु नाम को “नाम भगवान” की संज्ञा दी है । हर युग में अपने साधन हुआ करते हैं । कलियुग में नाम जप और नाम कीर्तन ही प्रधान साधन है । सभी शास्त्र, संत और पंथ एकमत हैं कि कलियुग में नाम की ही प्रधानता है । संत कहते है कि “कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा” । सभी शास्त्रों में नाम की महिमा गाई हुई है । श्री रामचरितमानसजी की तो एक बहुत प्रसिद्ध चौपाई है “कलिजुग जोग न जग्य न ग्याना, एक अधार राम गुन गाना” ।
किनका नाम जप किया जाए:
जिन्होंने गुरु दीक्षा ली हुई है वे गुरु प्रदत्त नाम का जाप करें क्योंकि वही उनके लिए सर्वश्रेष्ठ है । वैसे नीचे दी गई नामावली में से किसी भी नाम का जो आपको प्रिय हो, उसका जाप कर सकते हैं ।
(1) श्रीराम (2) श्रीकृष्ण (3) श्रीहरि (4) श्रीनारायण (5) श्रीगोविंद (6) श्रीगोपाल (7) श्रीश्याम (8) हर हर महादेव (9) श्रीगणपति (10) जय हनुमान (11) श्रीराधा (12) माँ दुर्गा (13) माँ लक्ष्मी (14) माँ सरस्वती (15) हर हर गंगे (16) श्रीसीताराम (17) श्रीराधेश्याम (18) श्रीगौरीशंकर (19) श्रीलक्ष्मीनारायण (20) श्री सूर्यनारायण
नाम जप कलियुग में भक्ति का सबसे सरल और प्रभावी साधन है। प्रभु के नाम का स्मरण करने से मन को शांति, बुद्धि को स्थिरता और जीवन में सकारात्मकता प्राप्त होती है। सभी शास्त्र, संत और महापुरुष एकमत हैं कि कलियुग में केवल नाम ही मोक्ष का आधार है।
इस वेबसाइट पर आपको नाम जप की महिमा, नाम जप से जुड़े गहन विचार तथा नाम जप से संबंधित लेख सरल हिंदी में पढ़ने को मिलेंगे। यहाँ प्रस्तुत सामग्री आपको प्रभु से जोड़ने और जीवन को सही दिशा देने में सहायक होगी।
यदि आप भी मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और प्रभु कृपा की प्राप्ति चाहते हैं, तो नाम जप को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
- 1. नाम को “नाम भगवान” क्यों कहते हैं ?
- 2. नाम जप क्या हैं ?
- 3. नाम जप क्यों किया जाना चाहिए ?
- 4. नाम जप कैसे करना चाहिए ?
- 5. कौन-सा नाम जप सर्वश्रेष्ठ हैं ?
- 6. क्या नाम जप में कोई नियम है ?
- 7. पूजा करना और नाम जप करना एक ही हैं या अलग ?
- 8. क्या नाम जप को केवल माला लेकर ही किया जा सकता हैं ?
- 9. नाम जप कितने प्रकार के होते हैं ?
- 10. नाम जप के क्या लाभ हैं ?
- 11. नाम जप सुबह करना चाहिए या शाम को ?
- 12. एक दिन में कितने नाम जप कर सकते हैं ?
- 13. नाम जप और मंत्र जप में क्या अंतर है ?
- 14. अजामिलजी को किसने तारा ?
- 15. उल्टा नाम जप भी कैसे मंगल करता है ?
- 16. प्रभु के आयुध कैसे नाम जापक की रक्षा करते हैं ?
- 17. नाम ने क्या प्रभु से भी ज्यादा लोगों का मंगल किया है ?
- 18. क्या प्रभु की सारी शक्तियां नाम में समाहित हैं ?
- 19. कौन-सी आदत हमारा मंगल करेगी ?
- 20. प्रभु नाम जप कब फलीभूत होता है ?
- 21. नाम जप कैसे करना चाहिए ?
- 22. प्रभु नाम जप का क्या फल है ?
- 23. प्रभु नाम जप से क्या अनुभूति होनी चाहिए ?
- 24. क्या प्रभु का नाम गिनना हमारा काम है ?
- 25. प्रभु के लिए सबसे सरल साधन क्या है ?
- 26. क्या जीवन की हर धड़कन पर नाम जप हो सकता है ?
- 27. श्रीगोपीजन का नाम जप कैसा था ?
- 28. क्या प्रभु भी अपने भक्तों का नाम लेते है ?
- 29. प्रभु का नाम कैसे हमारी जुबां पर चलाना चाहिए ?
- 30. चौबीस घंटे प्रभु का नाम जप कैसे हो सकता है ?
- 31. नाम स्मरण क्या करता है ?
- 32. नाम जप से प्रभु का स्मरण कैसे होता है ?
- 33. नाम जापक की सबसे ऊँची अवस्था क्या है ?
- 34. प्रभु के अनेक नाम क्यों हैं ?
- 35. नाम से स्मरण तक की यात्रा क्या है ?
- 36. क्या प्रभु को भी जप में आनंद आता है ?
- 37. क्या प्रभु नाम जप से मंगल होना तय है ?
- 38. प्रभु के नाम का आग्रह शास्त्रों और संतों ने क्यों किया है ?
- 39. प्रभु नाम जप से पाप कैसे भस्म होते हैं ?
- 40. हमें निरंतर क्या करना चाहिए ?
- 41. वाणी पर नाम कब आता है ?
- 42. क्या नाम जप का अहंकार आ सकता है ?
- 43. प्रभु नाम जप से देवता कैसे प्रसन्न होते हैं ?
- 44. जिह्वा का धर्म क्या है ?
- 45. हम प्रभु को कब प्रिय लगते हैं ?
- 46. नाम जप के लिए संतों की क्या युक्ति थी ?
- 47. प्रभु के नाम में पाप नाश की कितनी क्षमता है ?
- 48. प्रभु के नाम जप से क्या होता है ?
- 49. प्रभु नाम की महिमा प्रभु पर भी लागू होती है ?
- 50. नाम जप में श्रद्धा क्यों होनी चाहिए ?
- 51. नाम उच्चारण से कितना परमानंद मिलता है ?
- 52. किन प्रभु का नाम किसके लिए सर्वोपरि है ?
- 53. क्या नाम प्रभु की प्राप्ति करवा देता है ?
- 54. भगवती मीरा बाई के जीवन में नाम जप का क्या प्रभाव था ?
- 55. प्रभु नाम जापक को क्या देते हैं ?
- 56. कौन-सी वाणी धन्य होती है ?
- 57. क्या नाम जप से सरल साधन कोई है ?
- 58. नाम जप की इतनी महिमा क्यों है ?
- 59. क्या प्रभु के नाम जप का प्रभाव नास्तिकों पर भी पड़ा ?
- 60. क्या प्रभु के नाम जप से सात्विकता आती है ?
- 61. हमारी प्रत्येक इंद्रिय से हमें क्या करना चाहिए ?
- 62. कलियुग के संतों में क्या बात खास है ?
- 63. प्रभु का नाम जप सबसे लाभकारी क्यों है ?
- 64. संत नाम जप के बारे में क्या कहते हैं ?
- 65. नाम में कितना रस है ?
- 66. भक्ति भाव में ऊपर चढ़ने की सीढ़ियां क्या हैं ?
- 67. नाम हमें कलियुग में कहाँ तक पहुँचा सकता है ?
- 68. अंत में जीवन में क्या करना पड़ेगा ?
- 69. कलियुग में भक्ति के सर्वोच्च साधन क्या हैं ?
- 70. मन से प्रभु के पास पहुँचने का साधन क्या है ?
- 71. नाम जप के समय क्या सावधानी रखनी चाहिए ?
- 72. नाम जप करते समय मन को कहाँ लगाना चाहिए ?
- 73. नाम जप क्या भक्तों का मुख्य आधार होता है ?
- 74. कलियुग की भक्ति क्या है ?
- 75. नाम जप से क्या होता है ?
- 76. नाम जप क्या-क्या करता है ?
- 77. श्री सुदामाजी ने नाम जप का वरदान प्रभु से कब मांगा ?
- 78. नाम जप प्रभु को कितना प्यारा लगता है ?
- 79. भगवती यशोदा माता ने प्रभु से क्या प्रार्थना की थी ?
- 80. प्रभु से क्या मांगना चाहिए ?
- 81. राजा श्री जनकजी पर नाम का क्या प्रभाव हुआ ?
- 82. क्या प्रभु के नाम में मंत्रों जैसी शक्ति होती है ?
- 83. जिनकी जिह्वा प्रभु का नाम नहीं लेती उनका क्या हश्र होता है ?
- 84. प्रभु की कृपा कब होती है ?
- 85. कलियुग का सबसे बड़ा गुण क्या है ?
- 86. अंतिम समय भी प्रभु का नाम लेने से क्या होता है ?
- 87. आलस्य में भी प्रभु का नाम लेने का क्या फल है ?
- 88. प्रभु कितने करुणानिधान हैं ?
- 89. जीव को प्रभु का नाम कब लेना चाहिए ?
- 90. श्री अजामिलजी को नाम जप से क्या मिला ?
- 91. नाम जप क्या करता है ?
- 92. कलियुग में सबसे बड़ा परमानंद क्या है ?
- 93. प्रभु नाम जप का परम फल कब मिलता है ?
- 94. क्या प्रभु का नाम अमृततुल्य है ?
- 95. संतों ने नाम जप के लिए क्या कहा ?
- 96. अंतिम समय क्या होना चाहिए ?
- 97. क्या नवधा भक्ति में भी नाम जप बताया गया है ?
- 98. नाम जापक को क्या नर्क नहीं जाना पड़ता ?
- 99. अंत समय प्रभु का नाम निकलने से क्या होता है ?
- 100. नाम जप में पाप नाश का कितना सामर्थ्य है ?
- 101. क्या नाम जप से जन्मों-जन्मों के अंधकार दूर हो जाते हैं ?
- 102. भक्ति प्रबल कब होती है ?
- 103. सबसे श्रेष्ठ मांग प्रभु से क्या है ?
- 104. क्या नाम जप से प्रभु पर भरोसा बढ़ता है ?
- 105. पापी-से-पापी जीव भी अगर अंत समय में प्रभु नाम का उच्चारण कर देता है तो क्या होता है ?
- 106. जीवन में कौन-सी नेक कमाई करनी चाहिए ?
- 107. प्रभु नाम रूपी धन का महत्व क्या है ?
- 108. प्रभु नाम बिना हमारी क्या गति है ?
- 109. मन में कौन-सा दीपक जलाएं ?
- 110. प्रभु नाम जप कब करना चाहिए ?
- 111. मन को शांति कब मिलेगी ?
- 112. प्रभु नाम जप से क्या होगा ?
- 113. कलियुग में किसका सहारा है ?
- 114. नाम जप का सामर्थ्य क्या है ?
- 115. भारतवर्ष के पास क्या खजाना है ?
- 116. सच्चा धनवान कौन ?
- 117. प्रभु तक हमें कैसे पहुँचना चाहिए ?
- 118. भगवती गंगा माता के नाम की महिमा क्या है ?
- 119. प्रभु प्रेम कब जगेगा ?
- 120. क्या प्रभु नाम कैसे भी ले सकते हैं ?
- 121. जीवन में क्या एक चीज करनी चाहिए ?
- 122. जीवन के कार्यों को कैसे करते रहना चाहिए ?
- 123. श्रीराम नाम की महिमा क्या है ?
- 124. कार्य करते वक्त नाम जप कैसे करें ?
- 125. नाम जप की परिपक्व अवस्था क्या होती है ?
- 126. नाम जप बिना मन से होने पर भी क्या वह हमारा कल्याण करेगा ?
- 127. भक्त का नाम प्रभु को कितना प्रिय हैं ?
- 128. संतों और भक्तों की दिनचर्या क्या होती है ?
- 129. कलियुग में सबसे ऊँचा क्या साधन है ?
- 130. संसार का अमूल्य खजाना क्या है ?
- 131. कलियुग में प्रभु को प्राप्त करने का सबसे प्रिय साधन कौन-सा है ?
- 132. प्रभु नाम को संतों और भक्तों ने कैसा पाया है ?
- 133. कलियुग का श्रेष्ठतम साधन क्या है ?
- 134. प्रभु नाम जप को संतों ने क्या उपाधि दी है ?
- 135. सबसे बड़ी कमाई क्या है ?
- 136. प्रभु का नाम लेते-लेते मृत्यु हुई तो क्या होगा ?
- 137. प्रभु का नाम लेना कितना कल्याणकारी होता है ?
- 138. संतों द्वारा प्रभु नाम की क्या व्याख्या है ?
- 139. क्या प्रभु का नाम ही अमृत तुल्य है ?
- 140. क्या प्रभु का नाम पाप नाश करता है ?
- 141. प्रभु नाम जप की क्या महिमा है ?
- 142. प्रभु श्री महादेवजी के नाम जप की क्या महिमा है ?
- 143. कैसे भी किया नाम जप क्या हमारा उद्धार करेगा ?
- 144. किस बात का लोभ जीवन में लाभदायक होता है ?
- 145. जीवन में क्या करना चाहिए ?
- 146. प्रभु के नाम के साथ क्या श्रीलीला जुड़ी हुई हैं ?
- 147. भक्त कैसे नाम जप करते हैं ?
- 148. अपनी जिह्वा का सही उपयोग क्या है ?
- 149. प्रभु नाम जप में क्या शक्ति है ?
- 150. भगवत् नाम से क्या मिल सकता है ?
- 151. भक्त श्री प्रह्लादजी का बालपन में नाम जप कैसा था ?
- 152. क्या विपरीत परिस्थिति में भी नाम जप हो सकता है ?
- 153. हमें जिह्वा का क्या उपयोग करना चाहिए ?
- 154. क्या नाम जापक को भय या कष्ट नहीं सताते ?
- 155. जीवन में विश्राम कब मिलता है ?
- 156. क्या नाम हमारी रक्षा करता है ?
- 157. प्रभु नाम के रत्न का मूल्यांकन क्या है ?
- 158. श्रीभीष्म पितामह ने मृत्यु-शय्या पर लेटे-लेटे क्या किया ?
- 159. कौन-सा धन श्रेष्ठ है ?
- 160. प्रभु नाम गाने से क्या होता है ?
- 161. कलियुग में किसका आश्रय लेना चाहिए ?
- 162. प्रभु के नाम में क्या शक्ति है ?
- 163. कलियुग में प्राणी मात्र का क्या कर्तव्य होना चाहिए ?
- 164. कलियुग में नाम का क्या महत्व है ?
- 165. नाम क्या कभी भी व्यर्थ जाता है ?
- 166. भारत भूमि श्रेष्ठ क्यों है ?
- 167. नाम जप करते हुए क्या अनुभव होता है ?
- 168. कलियुग को पार करने का उपाय क्या है ?
- 169. जुबां से क्या काम करना चाहिए ?
- 170. प्रभु नाम रस पीने से क्या होगा ?
- 171. प्रभु श्री कृष्णजी के नाम का अर्थ क्या है ?
- 172. जीवन में कौन-सा धन अर्जित करना चाहिए ?
- 173. प्रभु नाम को रसायन क्यों कहते हैं ?
- 174. कौन प्रभु को प्यारा होता है ?
- 175. नर्क कौन नहीं जाता ?
- 176. अंतिम श्वास में क्या होना चाहिए ?
- 177. प्रभु का नाम भक्तों की रक्षा कैसे करता है ?
- 178. प्रभु के अनेक नाम क्यों पड़े ?
- 179. प्रभु का एक नाम श्रीगोविंद क्यों है ?
- 180. हमें सुबह प्रथम कार्य क्या करना चाहिए ?
- 181. प्रभु को कौन प्रिय होते हैं ?
- 182. श्रीराम नाम का महत्व क्या है ?
- 183. प्रभु नाम जप से क्या मिलेगा ?
- 184. श्रीराम नाम किन्हें प्रिय है ?
- 185. सुख क्या करने में है ?
- 186. कौन-सा धन इकट्ठा करें ?
- 187. प्रभु हमारी पुकार कब सुनते हैं ?
- 188. सनातन धर्म का गौरव क्या है ?
- 189. प्रभु का नाम क्या करता है ?
- 190. इहलोक और परलोक कैसे सुधरेंगे ?
- 191. जीवन में क्या करना चाहिए ?
- 192. प्रभु का नाम दयानिधि क्यों है ?
- 193. कलियुग का युग धर्म क्या है ?
- 194. प्रभु का नाम लेने से क्या होता है ?
- 195. प्रभु का नाम जीवन में कैसा प्रकाश करता है ?
- 196. नाम जप का पुरुषार्थ क्यों करना चाहिए ?
- 197. कलियुग में नाम जप में क्या सामर्थ्य है ?
- 198. प्रभु का नाम जीवन में सदा क्यों लेना चाहिए ?
- 199. नाम कीर्तन क्या है ?
- 200. कलियुग में प्रधानता किसकी होनी चाहिए ?
- 201. कलियुग में प्रभु प्राप्ति का सबसे सुलभ साधन क्या है ?
- 202. कलियुग में प्रभु का स्मरण कैसे किया जाए ?
- 203. कलियुग की विशेष बात क्या है ?
- 204. क्या भक्तों ने अनेक नामों में एक ही प्रभु को पाया है ?
- 205. भगवत् प्राप्ति का कलियुग का साधन क्या है ?
- 206. क्या संतों के रोम-रोम ने नाप जप किया है ?
- 207. किसका आलस्य कभी भी जीवन में नहीं करना चाहिए ?
- 208. कलियुग के दुःख मिटाने का सबसे सरल साधन क्या है ?
- 209. कलियुग में धन्य कौन है ?
- 210. शास्त्रों की दृष्टि से कलियुग में धनी कौन है ?
- 211. प्रभु के नाम जप से क्या होगा ?
- 212. जीवन में अविलंब हमें क्या करना चाहिए ?
- 213. क्या नाम कीर्तन हमें रोमांचित कर देता है ?
- 214. प्रभु किसके अधीन हैं ?
- 215. कलियुग में कौन तरता है ?
- 216. कलियुग में किसका आश्रय लेना चाहिए ?
- 217. कलियुग का सच्चा भजन क्या है ?
- 218. कलियुग में नाम जप की क्या महिमा है ?
- 219. महाधन कौन-सा है ?
- 220. नाम रूपी धन का क्या लाभ है ?
- 221. नाम को नाम भगवान क्यों कहते हैं ?
- 222. कैसे भी लिया प्रभु का नाम क्या फलीभूत होता है ?
- 223. अंतिम अवस्था में लिया प्रभु का नाम क्या करता है ?
- 224. नाम जप कैसे होना चाहिए ?
- 225. कलियुग की रियायत क्या है ?
- 226. नाम जप से क्या होता है ?
- 227. प्रभु के अनेक नाम क्यों हैं ?
- 228. प्रभु के नामकरण के समय क्या हुआ ?
- 229. श्रीराधा नाम इतना अदभुत क्यों है ?
- 230. क्या माता के सभी नाम एक समान हैं ?
- 231. प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल साधन क्या है ?
- 232. नाम जापक की चिंता कौन करता है ?
- 233. कौन कृपा की वर्षा करती हैं ?
- 234. सच्चा भाग्यशाली कौन ?
- 235. प्रभु के इतने अनंत नाम क्यों हैं ?
- 236. क्या प्रभु के लाड़ले भक्त भी प्रभु को नाम देते हैं ?
- 237. क्या नाम जापक का मुक्ति पर स्वाभाविक अधिकार होता है ?
- 238. श्रीराधा नाम लेने से क्या होता है ?
- 239. किसके मुँह में सदैव प्रभु का नाम रहता है ?
- 240. प्रभु नाम की महिमा क्या है ?
- 241. नाम जप का आग्रह सभी ने क्यों किया है ?
- 242. क्या गिनकर नाम लेना चाहिए ?
- 243. क्या नाम जप से दुःख मिटते हैं ?
- 244. नाम जप से जीवन में क्या परिवर्तन होगा ?
- 245. भवसागर से पार होने का कलियुग का क्या साधन है ?
- 246. प्रभु के नाम का सामर्थ्य क्या है ?
- 247. जीवन में विपत्तियों को पार करने का उपाय क्या है ?
- 248. प्रभु श्री कृष्णजी के नाम की व्याख्या क्या है ?
- 249. क्या दुःख से भागना चाहिए ?
- 250. नाम की संख्या का नियम पूरा होने के बाद क्या करें ?
- 251. प्रभु के नाम को नाम ब्रह्म क्यों कहते हैं ?
- 252. क्या नाम जप प्रभु कृपा का फल होता है ?
- 253. अंत समय में प्रभु का नाम लेने का क्या महत्व है ?
- 254. क्या हर श्वास में प्रभु का नाम जप होना संभव है ?
- 255. भवसागर पार करने का कलियुग में उपाय क्या है ?
- 256. नाम जप क्यों युवान अवस्था से करना चाहिए ?
- 257. क्या प्रभु आधे नाम पर आ जाते हैं ?
- 258. श्रीमद् भगवद् गीताजी में नाम जप के बारे में क्या कहा गया है ?
- 259. नाम धन क्यों कमाना चाहिए ?
- 260. कलियुग का युग धर्म क्या है ?
- 261. नाम जप में सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है ?
- 262. जीवन में क्या नियम बनाना चाहिए ?
- 263. कैसी पुकार पर प्रभु आते हैं ?
- 264. दुःख और क्लेश मिटाने का उपाय क्या है ?
- 265. सभी जगह मंगल करने का सामर्थ्य किसमें है ?
- 266. नाम जप में कितना सुख है ?
- 267. प्रभु का नाम जप कौन कर पाता है ?
- 268. कलियुग का प्रधान साधन क्या है ?
- 269. नाम कैसे हमारी रक्षा और मंगल करता है ?
- 270. सबसे मीठा साधन क्या है ?
- 271. संत नाम जप के बारे में क्या कहते हैं ?
- 272. संसार सागर से पार कैसे हो सकते हैं ?
- 273. क्या नाम जप से विघ्न और विपत्ति दूर होती है ?
- 274. कलियुग में किसका संचय करना चाहिए ?
- 275. प्रत्येक श्वास पर नाम जप क्यों चलना चाहिए ?
- 276. प्रभु नाम जप में क्या सामर्थ्य है ?
- 277. प्रभु का नाम लेकर कोई भी काम क्यों करना चाहिए ?
- 278. हृदय की गहराई से नाम जप का क्या फल होता है ?
- 279. नाम जप से हमारी गति कैसे सुधरती है ?
- 280. मन में क्या चलाना चाहिए ?
- 281. नाम जप हो पाना पुण्य का सूचक क्यों है ?
- 282. प्रभु नाम की रटन से क्या होगा ?
- 283. कलियुग में नाम जप इतना श्रेष्ठ क्यों है ?
- 284. कलियुग का सबसे सरल और सफल साधन क्या है ?
- 285. जीवन में किसका आश्रय होना चाहिए ?
- 286. संत हमारा हित कैसे करते हैं ?
- 287. कलियुग में भक्ति को जागृत करने का प्रधान साधन क्या है ?
- 288. शास्त्रों में कलियुग के लिए कौन-सा साधन कहा गया है ?
- 289. कलियुग में प्रभु का नाम पकड़ने से क्या होगा ?
- 290. कलियुग का सबसे सरल और सफल साधन क्या है ?
- 291. कलियुग के भक्तों ने नाम जप में क्या ऊँचाई प्राप्त की है ?
- 292. प्रभु के नाम रटन से क्या होगा ?
- 293. क्या दुःख में नाम जप अधिक होता है ?
- 294. क्या सत्संग नाम जप में हमारी आस्था दृढ़ करता है ?
- 295. कलियुग में सबसे बड़ी कमाई क्या है ?
- 296. क्या नाम जप में कोई शर्त या नियम है ?
- 297. कलियुग में सच्चा भाग्यवान कौन है ?
- 298. नाम जप में हमारी रुचि क्यों होनी चाहिए ?
- 299. भवसागर पार करने का कलियुग का साधन क्या है ?
- 300. संत अपने अनुभव से नाम जप के विषय में क्या कहते हैं ?
- 301. हमारा मंगल और कल्याण कैसे होगा ?
- 302. नाम का सामर्थ्य क्या है ?
- 303. नाम क्या चमत्कार करता है ?
- 304. कलियुग में सबसे बड़ा धन कौन-सा है ?
- 305. भक्त और संत जगत मंगल के लिए क्या करते हैं ?
- 306. नाम जप से संत और भक्त किस अवस्था तक पहुँचते हैं ?
- 307. कलियुग का धर्म क्या है ?
- 308. सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है ?
- 309. प्रभु नाम का बल क्या है ?
- 310. नाम और नामी प्रभु में क्या समानता है ?
- 311. नाम जप की संख्या और तन्मयता बढ़ने से क्या होता है ?
- 312. नाम जप से कलियुग में क्या मिलेगा ?
- 313. नाम ने कितनों का उद्धार किया है ?
- 314. कलियुग में सबकी एकमत राय क्या है ?
- 315. नाम की महिमा क्या है ?
- 316. नाम का प्रभाव क्या है ?
- 317. प्रभु और प्रभु के नाम में क्या समानता है ?
- 318. क्या नाम जप से हमारा कल्याण होगा ?
- 319. नाम जप क्या करता है ?
- 320. नाम जप में कितना भरोसा होना चाहिए ?
- 321. सबसे प्रधान और सरल साधन कौन-सा है ?
- 322. क्या माला के साथ किसी अन्य आलंबन की जरूरत है ?
- 323. क्या नाम जप से दुर्गम कार्य भी बन जाते हैं ?
- 324. क्या नाम जप मानव जीवन के लिए उपयोगी है ?
- 325. नाम जप करने वाला दूसरों के लिए प्रेरणा कैसे बनता है ?
- 326. प्रभु नाम जप में मूल बात क्या है ?
- 327. क्या प्रभु के नाम में प्रभु की सारी शक्तियां समाई है ?
- 328. क्या प्रभु का नाम हमारी कामना की पूर्ति करता है ?
- 329. कलियुग में क्या आधार होना चाहिए ?
- 330. प्रभु के प्रेमियों की चेतना नाम से कैसे जुड़ जाती है ?
- 331. प्रभु के प्रेमी नाम जप में कितने आसक्त होते हैं ?
- 332. नाम जप की महिमा असीम क्यों है ?
- 333. कलियुग में नाम जप का विशेष महत्व क्यों है ?
- 334. प्रभु नाम का माहात्म्य विलक्षण क्यों है ?
- 335. नाम जप की ऊँची अवस्था क्या होती है ?
- 336. क्या प्रभु आधे नाम के उच्चारण पर ही आ जाते हैं ?
- 337. क्या नाम और नामी प्रभु में कोई भेद है ?
- 338. क्या श्वासों की माला पर रटना प्रारंभ हो जाता है ?
- 339. संत और महात्मा प्रभु से क्या भाव निवेदन करते हैं ?
- 340. नाम जप का कलियुग में क्या सामर्थ्य है ?
- 341. क्या प्रभु का नाम लेने वाला कभी भवसागर में डूब सकता है ?
- 342. कलियुग में प्रभु प्राप्ति का सबसे सुलभ और सरल साधन क्या है ?
- 343. कलियुग में प्रभु प्राप्ति का सबसे बड़ा आधार क्या है ?
- 344. कलियुग में प्रभु नाम जप के लिए हमें सभी क्यों प्रेरित करते हैं ?
- 345. कलियुग में प्रभु का नाम क्यों लेना चाहिए ?
- 346. कलियुग में सबसे भाग्यवान कौन है ?
- 347. कलियुग का सबसे सुलभ साधन क्या है ?
- 348. नाम जप प्रभु के लिए पुकार कैसे बनाती है ?
- 349. कलियुग में नाम जप से क्या होता है ?
- 350. हमारे मुख से सदैव क्या होना चाहिए ?
- 351. जीवन में उत्थान का कलियुग में क्या साधन है ?
- 352. कलियुग में सफल होने की दों मुख्य बातें क्या है ?
- 353. कलियुग में सफलता का उपाय क्या है ?
- 354. जो वाणी प्रभु का नाम जप नहीं करती शास्त्रों में उनके लिए क्या कहा गया है ?
- 355. सुबह जागते ही सर्वप्रथम क्या करना चाहिए ?
- 356. प्रभु के नाम का आश्रय लेने से क्या होता है ?
- 357. निष्काम होकर नाम जप करने से क्या होता है ?
- 358. प्रभु नाम की महिमा कितनी है ?